Call of Duty Black Ops: कई गेम ऐसे होते हैं जिनका नाम सुनते ही पुराने खिलाड़ियों की यादें ताजा हो जाती हैं। Call of Duty: Black Ops भी उन्हीं खास गेम्स में से एक है। साल 2010 में लॉन्च हुआ यह गेम अपने दमदार कैंपेन, रोमांचक मल्टीप्लेयर और यादगार Zombies मोड की वजह से Call of Duty सीरीज का एक आइकॉनिक हिस्सा बन गया था। इसलिए जब यह खबर सामने आई कि Black Ops का नया पोर्ट PlayStation 5 पर आ रहा है, तो फैंस को उम्मीद थी कि उन्हें अपने पसंदीदा गेम का एक शानदार, आधुनिक और बेहतर रूप देखने को मिलेगा।
लेकिन PS5 पर गेम खेलने के बाद कई लोगों की पहली प्रतिक्रिया उत्साह से ज्यादा निराशा वाली रही। यह पोर्ट एक बड़े सेलिब्रेशन जैसा महसूस होने के बजाय ऐसा लगा जैसे इसे बहुत कम समय, सीमित संसाधनों और बिना पर्याप्त तकनीकी सुधारों के तैयार किया गया हो। एक ऐसे गेम के लिए जो अपने समय में बेहद लोकप्रिय रहा है, PS5 पोर्ट का अनुभव कई सवाल खड़े करता है।
PS5 की ताकत के बावजूद सिर्फ 1080p रिजॉल्यूशन
PlayStation 5 आज की पीढ़ी का एक शक्तिशाली गेमिंग कंसोल है। यह 4K रिजॉल्यूशन, तेज लोडिंग और बेहतर ग्राफिक्स देने की क्षमता रखता है। आज PS5 पर आने वाले ज्यादातर नए गेम या पुराने गेम्स के अपग्रेडेड वर्जन 4K आउटपुट के साथ पेश किए जाते हैं। इसी वजह से Black Ops का सिर्फ 1080p नेटिव रिजॉल्यूशन पर चलना खिलाड़ियों को हैरान कर रहा है। 2010 का Black Ops मूल रूप से PlayStation 3 और Xbox 360 जैसे पुराने कंसोल्स के लिए बनाया गया था। उस समय की तकनीक और हार्डवेयर के हिसाब से गेम का विजुअल आउटपुट ठीक माना जाता था।

लेकिन अब 2026 में PS5 के लिए नया पोर्ट आने के बावजूद इसे 1080p में देखना काफी पुराना अनुभव देता है। 1080p रिजॉल्यूशन अपने आप में खराब नहीं है, खासकर अगर गेम की फ्रेम रेट बहुत ज्यादा हो या ग्राफिक्स में बड़े सुधार किए गए हों। लेकिन Black Ops के PS5 पोर्ट में यह कम रिजॉल्यूशन किसी खास परफॉर्मेंस लाभ के लिए इस्तेमाल होता हुआ भी नहीं दिखता। यही वजह है कि खिलाड़ियों को यह फैसला समझ नहीं आ रहा है।
न 4K, न 120fps और न ही बेहतर एंटी-अलियासिंग
Black Ops का PS5 पोर्ट केवल 1080p रिजॉल्यूशन तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें 120 fps का विकल्प भी नहीं दिया गया है। गेम को 60Hz पर लॉक रखा गया है, यानी खिलाड़ियों को अधिकतम 60fps का अनुभव मिलता है। 60fps गेमिंग के लिए खराब नहीं है, लेकिन PS5 जैसे कंसोल पर एक पुराने गेम के नए पोर्ट से लोग ज्यादा उम्मीद रखते हैं।
अगर गेम 1080p पर 120fps देता, तो कई खिलाड़ी इसे तेज और स्मूद गेमप्ले के कारण स्वीकार कर सकते थे। लेकिन यहां ऐसा भी नहीं है। गेम 1080p और 60fps पर चलता है, जो PS4 वर्जन के लिए समझ में आ सकता था। मगर PS5 के लिए इसे एक नया पोर्ट मानकर पेश किया जा रहा है, इसलिए यह स्तर कई खिलाड़ियों को कमजोर लगता है।
इसके अलावा गेम में प्रभावी Anti-Aliasing की कमी भी देखने को मिलती है। Anti-Aliasing वह तकनीक है जो गेम में किनारों को स्मूद दिखाने में मदद करती है। इसके बिना इमारतों, हथियारों, कैरेक्टर्स और अन्य ऑब्जेक्ट्स के किनारे ज्यादा दानेदार या टूटे हुए नजर आ सकते हैं। बड़े 4K टीवी पर यह कमी और ज्यादा साफ दिखाई दे सकती है।
PS5 की क्षमता को देखते हुए खिलाड़ियों को उम्मीद थी कि गेम कम से कम 4K रिजॉल्यूशन, बेहतर टेक्सचर क्वालिटी, साफ शैडोज और आधुनिक विजुअल इफेक्ट्स के साथ आएगा। लेकिन पोर्ट में ऐसे सुधार नजर नहीं आते जो इसे एक सच्चे रिमास्टर जैसा अनुभव दें।
Xbox पर स्थिति और भी ज्यादा कमजोर बताई जा रही है
PlayStation 5 का Black Ops पोर्ट भले ही उम्मीदों पर खरा नहीं उतर रहा हो, लेकिन Xbox पर Backward Compatibility के जरिए चलने वाला वर्जन इससे भी कमजोर बताया जा रहा है। रिपोर्ट्स के अनुसार Xbox पर गेम पुराने Xbox 360 युग के लगभग 608p रिजॉल्यूशन तक सीमित है।
Xbox वर्जन में शैडो मैप्स भी कम रिजॉल्यूशन वाले बताए जा रहे हैं और गेम की ब्राइटनेस या विजुअल प्रेजेंटेशन ज्यादा डार्क नजर आ सकती है। इसका मतलब यह है कि Xbox Series X जैसे आधुनिक कंसोल पर भी Black Ops को कोई खास विज़ुअल एन्हांसमेंट नहीं मिल रहा है।
यह स्थिति और भी अजीब लगती है क्योंकि Activision अब Microsoft के स्वामित्व में है। आमतौर पर लोग उम्मीद कर सकते थे कि Xbox प्लेटफॉर्म पर पुराने Call of Duty गेम्स को बेहतर Backward Compatibility सपोर्ट मिलेगा। लेकिन Black Ops के मामले में ऐसा नहीं दिखता।
PS5 पर कम से कम 1080p का फायदा है, लेकिन यह भी उस स्तर का नहीं है जिसकी उम्मीद एक नेटिव PS5 रिलीज से की जाती है। दोनों प्लेटफॉर्म पर गेम का अनुभव यह सवाल उठाता है कि इतने लोकप्रिय गेम को आधुनिक कंसोल्स के लिए बेहतर तरीके से तैयार क्यों नहीं किया गया।
पुराने विजुअल दोषों को भी क्यों रखा गया
Black Ops अपने समय में एक शानदार गेम था, लेकिन 2010 की तकनीक की कुछ सीमाएं भी थीं। उस दौर में शैडो क्वालिटी सीमित थी, टेक्सचर डिटेल कम थी और लाइटिंग सिस्टम आज के गेम्स जितना एडवांस नहीं था। किसी पुराने गेम को नए कंसोल पर लाने का सबसे बड़ा फायदा यही होता है कि इन कमियों को सुधारा जा सके।
लेकिन PS5 पोर्ट में पुराने विज़ुअल दोषों को काफी हद तक वैसे ही रखा गया है। शैडो क्वालिटी कमजोर दिखती है और गेम की ग्राफिकल प्रेजेंटेशन पुराने दौर की याद दिलाती है। पुराने फैंस के लिए क्लासिक फील अच्छी बात हो सकती है, लेकिन क्लासिक फील और तकनीकी सुधार की कमी में बड़ा अंतर होता है।
एक अच्छा रिमास्टर पुराने गेम की आत्मा को बचाते हुए उसके विजुअल्स, कंट्रोल्स और परफॉर्मेंस को आधुनिक बनाता है। Black Ops का यह पोर्ट कई खिलाड़ियों को उसी पुराने गेम का साधारण ट्रांसफर जैसा लग रहा है, न कि एक ऐसा अपग्रेड जो PS5 की ताकत का इस्तेमाल करता हो।
क्या Activision ने कम संसाधनों के साथ तैयार किया पोर्ट
इस पोर्ट की हालत देखकर एक सवाल यह भी उठ रहा है कि क्या Activision ने Black Ops को PS5 पर लाने के लिए बहुत कम संसाधन दिए। संभव है कि किसी स्तर पर गेम को PlayStation 5 पर रिलीज करने का फैसला लिया गया हो, लेकिन इसे बेहतर बनाने के लिए पर्याप्त डेवलपमेंट समय या बजट नहीं दिया गया हो।
यह केवल एक अनुमान है, क्योंकि Activision ने सार्वजनिक रूप से ऐसा कोई कारण नहीं बताया है। फिर भी गेम की तकनीकी स्थिति देखकर खिलाड़ियों को यही महसूस हो रहा है कि इस प्रोजेक्ट को उतनी प्राथमिकता नहीं मिली जितनी एक आइकॉनिक Call of Duty गेम को मिलनी चाहिए थी।
अगर कंपनी चाहती, तो Black Ops को दोनों प्लेटफॉर्म्स पर एक पेड रिमास्टर के रूप में पेश किया जा सकता था। इसमें 4K रिजॉल्यूशन, बेहतर फ्रेम रेट, सुधार किए गए शैडोज, नई टेक्सचर क्वालिटी और सभी DLC कंटेंट शामिल किया जा सकता था। ऐसा करने से पुराने फैंस को एक अच्छा अनुभव मिलता और नए खिलाड़ी भी इस क्लासिक गेम को बेहतर रूप में खेल पाते।
कीमत और DLC पैक ने भी बढ़ाई आलोचना
Black Ops के PS5 पोर्ट को लेकर सबसे बड़ी आलोचना इसकी कीमत को लेकर भी हो रही है। इस पोर्ट की कीमत लगभग 40 डॉलर या 35 पाउंड रखी गई है। भारतीय कीमत अलग हो सकती है, लेकिन अंतरराष्ट्रीय कीमत के हिसाब से कई खिलाड़ियों को यह रकम काफी ज्यादा लग रही है।
PlayStation Plus सब्सक्राइबर्स को गेम पर 50 प्रतिशत तक की छूट मिलने की बात कही गई है। इसके बावजूद सवाल यह है कि क्या 1080p और 60fps वाले ऐसे पोर्ट के लिए यह कीमत सही है।? जब गेम में बड़े विजुअल सुधार नहीं हैं, तब खिलाड़ी इसे एक सस्ता क्लासिक री-रिलीज या बेहतर वैल्यू पैक के रूप में देखना चाहते थे।
स्थिति और भी खराब तब लगती है जब Season Pack या DLC कंटेंट के लिए अलग से लगभग 30 डॉलर या 26 पाउंड की कीमत मांगी जाती है। PlayStation Plus यूजर्स को DLC पर 67 प्रतिशत तक की छूट मिल सकती है, लेकिन फिर भी खिलाड़ियों का मानना है कि इतने पुराने गेम के सभी उपलब्ध कंटेंट को एक ही पैकेज में शामिल किया जाना चाहिए था।
Black Ops 2 के साथ भी लगभग ऐसी ही प्राइसिंग होने की बात सामने आई है। इससे फैंस को लग रहा है कि कंपनी पुराने और लोकप्रिय गेम्स की नॉस्टैल्जिया को एक महंगे प्रोडक्ट की तरह इस्तेमाल कर रही है, जबकि गेम की तकनीकी गुणवत्ता उस कीमत को पूरी तरह सही साबित नहीं करती।
Black Ops जैसे क्लासिक गेम को बेहतर वापसी की जरूरत थी
Call of Duty: Black Ops और Black Ops 2 को सीरीज के सबसे पसंद किए जाने वाले गेम्स में गिना जाता है। इनके कैंपेन, मल्टीप्लेयर मैप्स और Zombies मोड आज भी कई खिलाड़ियों के दिल में खास जगह रखते हैं। इसलिए इन गेम्स की आधुनिक कंसोल्स पर वापसी एक शानदार मौका थी। फैंस चाहते थे कि उन्हें एक ऐसा वर्जन मिले जिसमें पुराने गेम की यादें भी रहें और नई तकनीक का फायदा भी मिले।

4K रिजॉल्यूशन, बेहतर शैडोज, साफ टेक्सचर, तेज फ्रेम रेट और पूरा DLC कंटेंट एक ही उचित कीमत पर मिलने से यह रिलीज बहुत सफल हो सकती थी। फिलहाल PS5 पोर्ट का 1080p रिजॉल्यूशन, 60fps सीमा, विजुअल सुधारों की कमी और अलग से महंगा DLC पैक कई खिलाड़ियों को निराश कर रहा है। Black Ops का नाम आज भी बहुत बड़ा है, लेकिन उसका नया पोर्ट उस सम्मान और मेहनत का अनुभव नहीं दे पा रहा जिसकी उम्मीद फैंस कर रहे थे।
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