Meta VR Glasses और Ray-Ban Meta Audio: कैमरा-फ्री Smart Glasses से 100 ग्राम के VR Glasses तक, Meta ने मचाया धमाल

Published On: September 24, 2026 4:28 PM
Meta VR Glasses

Meta VR Glasses: टेक्नोलॉजी की दुनिया में कुछ प्रोडक्ट ऐसे होते हैं जो सिर्फ एक नया डिवाइस नहीं होते, बल्कि यह संकेत देते हैं कि आने वाले समय में हम टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल किस तरह करने वाले हैं। Meta ने अपने Connect 2026 इवेंट में कुछ ऐसा ही करने की कोशिश की है। कंपनी ने एक तरफ ऐसा स्मार्ट ग्लास पेश किया है जिसमें कैमरा ही नहीं है, वहीं दूसरी तरफ एक ऐसा VR Glasses डिवाइस भी दिखाया है जो भारी-भरकम VR हेडसेट की जगह चश्मे जैसा अनुभव देने की कोशिश करता है।

Meta ने Ray-Ban Meta Audio को अपने पहले audio-only glasses के रूप में पेश किया है। इन ग्लासेस में कैमरा नहीं दिया गया है और इनका फोकस म्यूजिक, पॉडकास्ट, कॉल और AI assistant जैसे अनुभवों पर है। दूसरी ओर Meta VR Glasses को कंपनी ने करीब 100 ग्राम वजन वाले नए virtual reality platform के तौर पर पेश किया है। इसमें display और sensors चश्मे में रहते हैं, जबकि computing, battery और storage का काम एक अलग pocket-sized puck करता है।

दोनों प्रोडक्टों का उद्देश्य अलग है, लेकिन इनके पीछे Meta की सोच काफी स्पष्ट दिखाई देती है। कंपनी ऐसी wearable technology तैयार करना चाहती है जो लोगों को स्मार्टफोन और पारंपरिक कंप्यूटिंग डिवाइस पर कम निर्भर करते हुए ज्यादा natural तरीके से डिजिटल दुनिया से जोड़ सके।

Ray-Ban Meta Audio में नहीं मिलेगा कोई Camera

Meta के नए Ray-Ban Meta Audio की सबसे बड़ी खासियत यही है कि इसमें कैमरा नहीं है। यह कंपनी का पहला audio-only smart glasses product है। जहां मौजूदा smart glasses में कैमरा और दूसरे sensors के कारण privacy को लेकर सवाल उठते रहे हैं, वहीं Ray-Ban Meta Audio को केवल audio और AI interaction पर केंद्रित किया गया है।

Meta VR Glasses
Meta VR Glasses

इन ग्लासेस की मदद से यूजर म्यूजिक और पॉडकास्ट सुन सकता है, फोन कॉल कर सकता है और AI assistant के साथ hands-free बातचीत कर सकता है। यानी हर छोटे काम के लिए फोन निकालने की जरूरत कम करने की कोशिश की गई है। Meta के अनुसार Ray-Ban Meta Audio का वजन सिर्फ 43 ग्राम है। कंपनी ने इसे अपने सबसे हल्के और पतले AI glasses के रूप में पेश किया है। इसका डिजाइन ऐसा रखा गया है कि इन्हें लंबे समय तक पहनना ज्यादा आरामदायक महसूस हो। इसमें adjustable temple tips, interchangeable nose pads और overextension hinges दिए गए हैं, जिससे fitting को उपयोगकर्ता के अनुसार बेहतर किया जा सके।

12 घंटे तक की Battery Life का दावा

Ray-Ban Meta Audio सिर्फ डिजाइन पर निर्भर नहीं है। Meta के अनुसार ये glasses एक बार चार्ज करने पर 12 घंटे तक इस्तेमाल किए जा सकते हैं। इसके साथ मिलने वाला charging case अतिरिक्त 48 घंटे तक की battery capacity प्रदान करता है।

यह battery backup उन लोगों के लिए खास हो सकता है जो पूरे दिन music, calls या AI features का इस्तेमाल करना चाहते हैं। स्मार्टफोन या earbuds की तरह बार-बार charging की जरूरत कम करने की कोशिश यहां साफ दिखाई देती है।

हालांकि battery life हमेशा उपयोग के तरीके पर निर्भर कर सकती है। म्यूजिक, कॉल और AI interaction जैसी सुविधाओं का लगातार इस्तेमाल battery consumption को प्रभावित कर सकता है।

दो अलग-अलग Styles में आए Ray-Ban Meta Audio

Ray-Ban Meta Audio को केवल एक ही डिजाइन में नहीं उतारा गया है। Meta ने इसे दो नए styles में पेश किया है, जिनमें Clubmaster और Burbank शामिल हैं।

Clubmaster में classic Ray-Ban style और retro-inspired silhouette देखने को मिलता है, जबकि Burbank को एक traditional rectangular design के रूप में पेश किया गया है। कंपनी के अनुसार कुल 23 colors और lens combinations उपलब्ध होंगे और दोनों styles कई optical prescriptions के साथ compatible हैं।

इसका फायदा उन लोगों को मिल सकता है जो smart glasses को केवल technology product के रूप में नहीं बल्कि रोजाना पहनने वाले fashion accessory के रूप में भी देखते हैं।

Ray-Ban Meta Audio की कीमत कितनी है?

Meta ने Ray-Ban Meta Audio की शुरुआती कीमत 349 डॉलर रखी है। कंपनी ने इसकी pre-orders शुरू कर दी हैं और shipping 13 अक्टूबर से शुरू होने की जानकारी दी है। भारत में इसकी कीमत और उपलब्धता को लेकर Meta की ओर से अभी आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है। इसका मतलब भारतीय ग्राहकों को फिलहाल इसकी official India availability और local pricing के लिए Meta की घोषणा का इंतजार करना होगा।

अब बात Meta VR Glasses की

जहां Ray-Ban Meta Audio का फोकस audio और AI पर है, वहीं Meta VR Glasses पूरी तरह अलग category में आते हैं। Meta ने इन्हें virtual reality और spatial computing को चश्मे के आकार में लाने की कोशिश के रूप में पेश किया है।

Meta VR Glasses का वजन करीब 100 ग्राम है। कंपनी के अनुसार यह Meta Quest 3 की तुलना में लगभग पांच गुना हल्का है। इसका सबसे बड़ा कारण इसका two-part architecture है।

इस सिस्टम में चश्मे के अंदर display और sensors मौजूद हैं, जबकि computing power, battery और storage को एक अलग puck में रखा गया है। यह puck जेब या बैग पर लगाया जा सकता है और optical cable के जरिए glasses से जुड़ता है। यही डिजाइन Meta को भारी hardware को सीधे चेहरे पर रखने की जरूरत कम करने में मदद करता है।

Puck Meta VR Glasses का अहम हिस्सा क्यों है?

Meta VR Glasses को समझने के लिए इसके puck को समझना जरूरी है। सामान्य VR headset में processing hardware, battery, storage और display system एक ही डिवाइस में होते हैं। इससे डिवाइस भारी हो सकता है।

Meta ने इस नए सिस्टम में computing और power से जुड़े बड़े हिस्से को अलग कर दिया है। Glasses मुख्य रूप से display और sensors संभालते हैं, जबकि puck processing, battery और storage को संभालता है। दोनों के बीच optical tether connection होता है।

Meta के अनुसार puck की battery high-resolution media playback के दौरान तीन घंटे तक continuous use दे सकती है और इसमें 45W fast charging support भी है।

5K Infinite Display से मिलेगा नया Visual Experience

Meta VR Glasses में 5K Infinite Display दिया गया है, जो micro-OLED panels पर आधारित है। कंपनी के अनुसार इसमें 37 pixels per degree मिलते हैं, जिससे text और visual details को ज्यादा clarity के साथ दिखाने का लक्ष्य रखा गया है।

इनमें compact pancake lenses का इस्तेमाल किया गया है। Meta का कहना है कि इसी तकनीक की मदद से cinema-grade clarity को चश्मे जैसे form factor में लाने की कोशिश की गई है।

इसके साथ Dolby Vision और Dolby Atmos का support भी दिया गया है। यानी देखने के साथ-साथ sound experience को भी immersive बनाने पर ध्यान दिया गया है।

घर बैठे बन जाएगा Personal Cinema

Meta VR Glasses की सबसे दिलचस्प खूबियों में से एक इसका entertainment experience है। Meta के अनुसार यह दुनिया का पहला IMAX Enhanced certified VR device है।

कंपनी Disney+ समेत कई entertainment platforms के साथ काम कर रही है, जहां select content को 3D और immersive viewing experience के साथ देखा जा सकेगा। Disney Immersive Cinema के जरिए कुछ फिल्मों को 3D visuals और spatial audio के साथ अलग-अलग immersive environments में देखने का अनुभव भी दिया जाएगा।

इसके अलावा Meta ने Prime Video, YouTube, DIRECTV, AMC+, Crunchyroll, Plex, ESPN और Tubi जैसे platforms के साथ भी partnerships का उल्लेख किया है। Peacock, HBO Max और Paramount+ भी पहली बार अपने 3D media catalogs के साथ इस ecosystem में शामिल होने की तैयारी कर रहे हैं।

Sports देखने का अनुभव भी होगा खास

अगर आप sports के दीवाने हैं, तो Meta VR Glasses का immersive sports experience काफी दिलचस्प हो सकता है। Meta के अनुसार कंपनी ESPN और अन्य partners के साथ immersive sports experience तैयार कर रही है।

इसमें front-row seat जैसा viewing experience, 8K streaming और 180-degree views जैसी सुविधाएं शामिल होंगी। Meta का कहना है कि VR Glasses के launch के बाद हर साल 100 से ज्यादा immersive live sports events उपलब्ध कराने की योजना है। इस तरह टीवी या मोबाइल स्क्रीन पर मैच देखने के बजाय दर्शक को ऐसा अनुभव देने की कोशिश की जा रही है जिसमें वह खुद को मैदान के ज्यादा करीब महसूस कर सके।

Gaming में भी होगा बड़ा इस्तेमाल

Meta VR Glasses को केवल movies और sports देखने के लिए नहीं बनाया गया है। कंपनी इसे gaming platform के रूप में भी पेश कर रही है। Meta के अनुसार launch के समय 75 से ज्यादा ऐसे games होंगे जिन्हें केवल hand gestures से खेला जा सकेगा। इसके अलावा Xbox Cloud Gaming के जरिए सैकड़ों अन्य games को stream करने का विकल्प भी मिलेगा।

यहां खास बात यह है कि Meta controllers पर निर्भरता कम करने की कोशिश कर रहा है। Natural hand gestures और eye interaction के जरिए apps और entertainment content को control करने की सुविधा दी गई है।

यह सिर्फ VR Device नहीं, एक Private Workspace भी है

Meta VR Glasses की कहानी gaming और entertainment तक सीमित नहीं है। कंपनी इसे एक portable computing platform के रूप में भी देख रही है। इन glasses की मदद से यूजर अपने सामने एक बड़ा virtual display बना सकता है और एक साथ कई screens पर काम कर सकता है। Meta के अनुसार किसी flat surface को keyboard और touchpad की तरह इस्तेमाल करने की सुविधा भी दी जाएगी।

Full-color passthrough की वजह से यूजर काम करते समय अपने आसपास की दुनिया, desk और smartphone को भी देख सकता है। यानी पूरी तरह virtual environment में बंद होने के बजाय वास्तविक दुनिया से connection बनाए रखने की कोशिश की गई है।

AI भी होगा Meta VR Glasses का हिस्सा

Meta ने अपने AI agent को भी VR Glasses के operating system में integrate किया है। यूजर Meta VR Glasses से बात कर सकता है और voice commands के साथ-साथ eye tracking और natural hand gestures का इस्तेमाल करके अलग-अलग tasks कर सकता है। कंपनी के अनुसार यूजर movie चलाने, app खोलने, workspace बदलने या information search करने जैसे काम कर सकेगा।

यह बदलाव इस बात की ओर इशारा करता है कि Meta VR Glasses को सिर्फ VR headset का हल्का विकल्प नहीं, बल्कि एक नए प्रकार के computing device के रूप में देख रहा है।

Hologram Calling भी मिलेगा

Meta VR Glasses में एक और बेहद दिलचस्प technology Hologram Calling है। इसके जरिए video call के दौरान यूजर का photorealistic digital version सामने दिखाई देने का अनुभव दिया जाएगा।

Meta के अनुसार इसमें real-time expressions और reactions शामिल होंगे। दूसरे व्यक्ति का hologram glasses पहनने वाले व्यक्ति के सामने spatial audio के साथ दिखाई देगा, जिससे बातचीत ज्यादा natural महसूस कराने की कोशिश की जाएगी। यह feature WhatsApp और Zoom जैसे calling apps के साथ काम करने के लिए तैयार किया गया है।

Meta VR Glasses कब होंगे लॉन्च?

Meta के अनुसार Meta VR Glasses Spring 2027 में बिक्री के लिए उपलब्ध होंगे। इनकी शुरुआती कीमत 1,299.99 डॉलर रखी गई है। वहीं Ray-Ban Meta Audio की pre-orders शुरू हो चुकी हैं और इसकी shipping 13 अक्टूबर से शुरू होगी। इसकी शुरुआती कीमत 349 डॉलर है।

इस तरह दोनों डिवाइस एक ही Meta Connect 2026 event में सामने आए हैं, लेकिन दोनों का मकसद बिल्कुल अलग है। Ray-Ban Meta Audio रोजमर्रा के audio और AI experience को चश्मे में लाता है, जबकि Meta VR Glasses entertainment, gaming, productivity और spatial computing को एक नए form factor में पेश करने की कोशिश करते हैं।

Meta ने Smart Glasses की दुनिया को दी नई दिशा

Meta Connect 2026 के इन दोनों प्रोडक्ट्स को देखकर साफ है कि कंपनी wearable technology को सिर्फ एक accessory के रूप में नहीं देख रही। Ray-Ban Meta Audio के जरिए Meta ने camera-free AI glasses का विकल्प पेश किया है, जबकि Meta VR Glasses के जरिए कंपनी VR और spatial computing को ज्यादा हल्के और चश्मे जैसे form factor में लाने की कोशिश कर रही है। Ray-Ban Meta Audio उन लोगों के लिए दिलचस्प हो सकता है जो music, calls और AI को बिना फोन निकाले इस्तेमाल करना चाहते हैं। दूसरी ओर Meta VR Glasses उन लोगों के लिए नई संभावनाएं खोल सकते हैं जो movies, gaming, sports और काम के लिए बड़े virtual screens का अनुभव चाहते हैं।

Meta VR Glasses
Meta VR Glasses

सबसे दिलचस्प बात यही है कि दोनों प्रोडक्ट्स यह दिखाते हैं कि आने वाले समय में कंप्यूटिंग का अनुभव केवल smartphone या laptop screen तक सीमित नहीं रह सकता। आंखों, आवाज, हाथों और wearable devices के जरिए technology के साथ interaction का तरीका धीरे-धीरे बदल रहा है। Meta ने इस दिशा में एक बड़ा कदम उठाया है। अब असली सवाल यह होगा कि आम यूजर्स इन नए अनुभवों को कितनी तेजी से अपनाते हैं और ये डिवाइस रोजमर्रा की जिंदगी में कितने उपयोगी साबित होते हैं।

Disclaimer: इस लेख में Meta VR Glasses और Ray-Ban Meta Audio से जुड़ी जानकारी Meta की आधिकारिक घोषणाओं और हालिया रिपोर्ट्स के आधार पर दी गई है। कीमत, उपलब्धता, battery life और अन्य specifications कंपनी द्वारा बताए गए आंकड़ों पर आधारित हैं और वास्तविक उपयोग में अलग हो सकते हैं। Meta VR Glasses की बिक्री Spring 2027 के लिए बताई गई है, जबकि भारत में दोनों उत्पादों की उपलब्धता और स्थानीय कीमतों की आधिकारिक जानकारी अलग हो सकती है। खरीदारी से पहले Meta की आधिकारिक जानकारी जरूर जांचें।

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Shivang Mishra

मैं शिवांग मिश्रा, बीकॉम तृतीय वर्ष का छात्र हूँ। मुझे लेखन, शोध और नई जानकारियों को पाठकों तक पहुँचाने का गहरा शौक है। वर्तमान में मैं newsfortoday.in के लिए नियमित रूप से लेख लिखता हूँ, जहाँ मैं समाज, शिक्षा, तकनीक और युवा पीढ़ी से जुड़े विभिन्न विषयों पर अपनी बात रखता हूँ। लेखन मेरे लिए केवल एक अभिव्यक्ति का माध्यम नहीं है, बल्कि यह एक ज़िम्मेदारी भी है कि पाठकों तक सही और उपयोगी जानकारी सरल और स्पष्ट भाषा में पहुँचे। मेरा मानना है कि अच्छी लेखनी न केवल जानकारी देती है, बल्कि सोचने और आगे बढ़ने की प्रेरणा भी देती है।

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