Samsung Tizen TV से Ads और फालतू Apps हटाने के लिए AI का कमाल, Claude ने 11 घंटे में तैयार किया Apple TV जैसा Interface

Published On: October 22, 2026 4:59 PM
Samsung Tizen TV

Samsung Tizen TV: आज के समय में Smart TV खरीदते वक्त लोग बड़ी स्क्रीन, शानदार Picture Quality और बेहतर Sound के साथ एक और चीज की उम्मीद करते हैं एक साफ-सुथरा Software Experience। लेकिन कई बार TV चालू करते ही सामने ऐसे Ads, Recommended Content, अनचाहे Apps और सुझाव दिखाई देने लगते हैं, जिनकी यूजर को जरूरत ही नहीं होती। ऐसे में TV का Home Screen इस्तेमाल करने के बजाय विज्ञापनों से भरा हुआ महसूस होने लगता है।

इसी परेशानी को दूर करने के लिए एक यूजर ने AI की मदद लेने का फैसला किया। उसका इरादा अपने Samsung Smart TV से फालतू Apps और अनचाहे फीचर्स हटाने का था। शुरुआत में उसे लगा कि उसका TV Android TV पर चलता है, इसलिए उसमें बदलाव करना आसान होगा। लेकिन बाद में पता चला कि TV में Samsung का अपना Tizen OS मौजूद है, जो Android TV से अलग है और जिसमें सिस्टम को सीधे बदलने के विकल्प सीमित हैं।

इसके बाद जो हुआ, वह AI की क्षमता का दिलचस्प उदाहरण बन गया। यूजर ने Claude AI की मदद से TV के Interface को बदलने की कोशिश की। इस काम में स्मार्टफोन का कैमरा इस्तेमाल किया गया, ताकि AI समय-समय पर TV की स्क्रीन देख सके और समझ सके कि उसमें क्या बदलाव हुए हैं। करीब 11 घंटे की मेहनत के बाद एक नया Home Screen तैयार हुआ, जो Apple TV के Interface से प्रेरित था। इस प्रयोग में कुछ Apps को छिपाने और Samsung के Advertising ID को हटाने का दावा भी सामने आया।

यह घटना दिखाती है कि AI अब सिर्फ सवालों के जवाब देने या Content लिखने तक सीमित नहीं है। सही निर्देश, उपलब्ध Tools और यूजर की भागीदारी के साथ यह रोजमर्रा के इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस को अपनी जरूरत के मुताबिक ढालने में भी मदद कर सकता है। हालांकि, इस तरह के प्रयोगों की सीमाएं और सुरक्षा से जुड़े पहलू समझना भी जरूरी है।

Claude AI के सामने आई पहली चुनौती: Samsung TV Android नहीं, Tizen पर चलता था

इस पूरे प्रयोग की सबसे दिलचस्प बात यह थी कि शुरुआत में यूजर ने अपने TV के Operating System को लेकर गलत अनुमान लगाया था। उसे लगा था कि यह Android TV है, लेकिन असल में इसमें Samsung का Tizen OS मौजूद था। Android TV और Tizen OS के बीच यह अंतर काफी मायने रखता है। Android TV में कुछ परिस्थितियों में ADB यानी Android Debug Bridge के जरिए डिवाइस से कनेक्ट होकर Apps और सिस्टम की कुछ सेटिंग्स को मैनेज किया जा सकता है। ADB डेवलपर्स और तकनीकी जानकारों को Android डिवाइस के साथ काम करने के लिए एक इंटरफेस देता है।

Samsung Tizen TV
Samsung Tizen TV

दूसरी तरफ, Samsung का Tizen OS एक अलग प्लेटफॉर्म है। इसमें Android TV वाले टूल्स और तरीके सीधे काम नहीं करते। Tizen पर चलने वाले TV में सिस्टम तक पहुंच और बदलाव करने की स्वतंत्रता सीमित हो सकती है। इसलिए Android TV के लिए तैयार किया गया कोई तरीका Samsung के TV पर इस्तेमाल करना आसान नहीं होता। यहीं पर Claude AI के सामने असली चुनौती आई। अगर यह Android TV होता, तो कुछ तकनीकी प्रक्रियाओं के जरिए Apps और दूसरी चीजों को मैनेज करने की संभावना रहती। लेकिन Tizen OS होने के कारण AI को अपना तरीका बदलना पड़ा। इस स्थिति में TV के अंदरूनी सिस्टम को सीधे नियंत्रित करने के बजाय स्क्रीन पर दिखाई देने वाली जानकारी को समझना और उपलब्ध विकल्पों के आधार पर समाधान तैयार करना ज्यादा महत्वपूर्ण हो गया।

TV की स्क्रीन देखने के लिए स्मार्टफोन कैमरे का इस्तेमाल

इस प्रयोग का सबसे अनोखा हिस्सा स्मार्टफोन का कैमरा था। आमतौर पर AI को किसी TV का Interface समझाने के लिए यूजर स्क्रीनशॉट या फोटो अपलोड करता है। लेकिन इस मामले में यूजर ने एक Local Website का इस्तेमाल किया, जिसके जरिए फोन के कैमरे से TV की स्क्रीन की तस्वीरें ली जा सकती थीं।

बताई गई प्रक्रिया के अनुसार, कैमरा लगभग हर चार सेकंड में TV की स्क्रीन की तस्वीर ले रहा था। इससे Claude को स्क्रीन पर हो रहे बदलावों को देखने और अगले कदम के बारे में फैसला करने में मदद मिली। इसे एक तरह के Visual Feedback System के रूप में समझा जा सकता है। AI किसी कदम का सुझाव देता है, यूजर या संबंधित सिस्टम उस कदम को पूरा करता है और फिर कैमरे से मिली तस्वीर के जरिए यह देखा जाता है कि स्क्रीन पर क्या बदला। इसके बाद अगला कदम तय किया जा सकता है।

उदाहरण के लिए, अगर TV के Home Screen पर कोई Menu खुला हुआ है, तो तस्वीर से यह समझने में मदद मिल सकती है कि कौन-से विकल्प दिखाई दे रहे हैं। यदि स्क्रीन पर कोई नया Interface सामने आता है, तो उसकी स्थिति देखकर आगे की प्रक्रिया तय की जा सकती है।

हालांकि, कैमरे से तस्वीरें लेना TV के Operating System को सीधे एक्सेस करने के बराबर नहीं है। कैमरा केवल वही दिखा सकता है जो स्क्रीन पर दिखाई दे रहा हो। वह अपने आप TV की सभी System Files, Background Processes या छिपी हुई Settings को नहीं पढ़ सकता। इसलिए इस प्रयोग की खासियत सिर्फ कैमरे का इस्तेमाल नहीं थी, बल्कि AI को लगातार Visual Feedback देकर एक सीमित और मुश्किल वातावरण में काम करने का तरीका खोजना भी था।

करीब 11 घंटे की मेहनत के बाद तैयार हुआ Apple TV जैसा Home Screen

इस प्रयोग में सबसे ज्यादा ध्यान खींचने वाला परिणाम नया Home Screen था। लगभग 11 घंटे तक काम करने के बाद Claude की मदद से ऐसा Interface तैयार किया गया, जो Apple TV के डिजाइन से प्रेरित था।

Apple TV का Interface आम तौर पर साफ-सुथरे Layout, Content पर फोकस और व्यवस्थित Navigation के लिए जाना जाता है। इसके मुकाबले कुछ Smart TV के Home Screen पर Recommended Shows, Sponsored Content और अलग-अलग Apps के सुझाव ज्यादा जगह घेरते हैं। ऐसे में एक साधारण और कम भरा हुआ Interface यूजर को ज्यादा सुविधाजनक लग सकता है। यहां एक जरूरी बात समझना भी जरूरी है। Apple TV जैसा Interface तैयार होने का अर्थ यह नहीं है कि Samsung TV का पूरा Tizen OS बदलकर Apple का Operating System इंस्टॉल कर दिया गया। उपलब्ध जानकारी के आधार पर इसे एक नए या बदले हुए Home Screen Experience के रूप में समझना ज्यादा सही होगा।

किसी TV के Home Screen की दिखावट बदलना और उसके पूरे Operating System को बदलना दो अलग तकनीकी काम हैं। पहला काम सीमित स्तर पर किया जा सकता है, जबकि दूसरा काम सिस्टम की संरचना, हार्डवेयर सपोर्ट और निर्माता की सुरक्षा पाबंदियों पर निर्भर करता है। इसलिए इस प्रयोग को Samsung TV पर Apple का असली Software चलाने के बजाय, AI की मदद से Interface को अपनी पसंद के मुताबिक बनाने की कोशिश के रूप में देखना चाहिए।

अनचाहे Apps को छिपाने और Ads कम करने की कोशिश

इस प्रयोग का दूसरा महत्वपूर्ण हिस्सा TV पर दिखाई देने वाले अनचाहे Apps और विज्ञापनों से जुड़ा था। रिपोर्ट के मुताबिक, Claude की मदद से कुछ Apps को Home Screen से छिपाया गया और Samsung के Advertising ID को हटाने में भी सफलता मिलने का दावा किया गया।

Smart TV में Advertising ID का इस्तेमाल यूजर की गतिविधियों और विज्ञापन से जुड़ी कुछ प्रक्रियाओं के लिए किया जा सकता है। यह पहचानकर्ता विज्ञापन को मापने या व्यक्तिगत रुचियों के आधार पर Content दिखाने जैसी सुविधाओं से संबंधित हो सकता है। हालांकि, इसका वास्तविक उपयोग TV के मॉडल, Software Version और Privacy Settings पर निर्भर करता है।

Advertising ID को हटाने या Reset करने से कुछ प्रकार की विज्ञापन आधारित Tracking सीमित हो सकती है। लेकिन इससे यह मान लेना सही नहीं होगा कि TV पर दिखने वाले सभी Ads हमेशा के लिए बंद हो जाएंगे। विज्ञापन और Recommendations के दूसरे स्रोत भी हो सकते हैं।

इसी तरह, किसी App को Home Screen से छिपाने का मतलब यह जरूरी नहीं कि वह TV से पूरी तरह Uninstall हो गया हो। App सिस्टम में मौजूद रह सकता है, भले ही वह मुख्य स्क्रीन पर दिखाई न दे।

यह अंतर महत्वपूर्ण है, क्योंकि कई यूजर चाहते हैं कि TV पर केवल वही चीजें दिखाई दें जिनका वे वास्तव में इस्तेमाल करते हैं। AI इस तरह के Interface को व्यवस्थित करने में मदद कर सकता है, लेकिन हर बदलाव का वास्तविक प्रभाव TV की तकनीकी सीमाओं पर निर्भर करेगा।

Smart TV पर AI का इस्तेमाल कितना उपयोगी हो सकता है?

यह प्रयोग AI के एक नए उपयोग की ओर इशारा करता है। अब तक ज्यादातर लोग AI का इस्तेमाल लेख लिखने, तस्वीरें बनाने, कोड तैयार करने या सवालों के जवाब पाने के लिए करते आए हैं। लेकिन AI को स्क्रीन की तस्वीरें दिखाकर किसी डिवाइस के interface को समझने में मदद देना एक अलग तरह का उपयोग है। ऐसी तकनीक को Visual Computer Interaction के व्यापक विचार से जोड़ा जा सकता है। इसमें AI केवल टेक्स्ट निर्देशों पर निर्भर नहीं रहता, बल्कि स्क्रीन पर मौजूद विकल्पों और बदलावों को देखकर भी निर्णय लेने की कोशिश करता है।

भविष्य में इसी तरह के तरीकों से यूजर अपने TV की Settings समझने, मुश्किल Menus में रास्ता खोजने या उपलब्ध Customization विकल्पों को व्यवस्थित करने में मदद ले सकते हैं। इससे उन लोगों को भी फायदा हो सकता है, जिन्हें तकनीकी Settings के बारे में ज्यादा जानकारी नहीं है।

फिर भी, AI की क्षमता को बढ़ा-चढ़ाकर नहीं देखना चाहिए। तस्वीरों से स्क्रीन को समझने में गलतियां हो सकती हैं। चमक, कैमरे का एंगल, स्क्रीन पर Reflection और छोटे Text की वजह से AI किसी विकल्प को गलत पढ़ सकता है। अगर वह गलत निर्देश दे, तो यूजर अनजाने में कोई दूसरी Setting बदल सकता है। इसलिए इस तरह के प्रयोग में यूजर की निगरानी महत्वपूर्ण बनी रहती है। AI की मदद से काम आसान हो सकता है, लेकिन उसे हर परिस्थिति में सही निर्णय लेने वाला अचूक सिस्टम नहीं माना जा सकता।

क्या आप भी अपने Samsung Smart TV को Debloat कर सकते हैं?

इस घटना के बाद कुछ यूजर अपने TV से अनचाहे Apps और Ads हटाने के तरीके तलाश सकते हैं। लेकिन किसी दूसरे TV पर वही प्रक्रिया काम करेगी, इसकी गारंटी नहीं है। Samsung के अलग-अलग मॉडल और Tizen OS के अलग-अलग Version में उपलब्ध विकल्प बदल सकते हैं। अगर आपका उद्देश्य TV की Home Screen को साफ-सुथरा बनाना है, तो सबसे पहले उसकी आधिकारिक Settings में मौजूद विकल्पों को देखना बेहतर होगा। आपके मॉडल के अनुसार Home Screen की Recommendations, Auto-Play, Privacy और Advertising से जुड़ी कुछ Settings को नियंत्रित करने के विकल्प मिल सकते हैं।

किसी अनजान Script या Website को इस्तेमाल करने से पहले यह भी समझें कि वह क्या कर रही है। खासकर तब, जब कोई Tool फोन के कैमरे या अन्य Permissions की मांग करता हो। कैमरे की अनुमति केवल भरोसेमंद वेबसाइट को दें और काम पूरा होने के बाद जरूरत न होने पर उसकी Permission वापस ले लें। इसके अलावा, किसी भी अनधिकृत तरीके से TV के Firmware या सिस्टम में बदलाव करने से बचना चाहिए, जब तक उसके जोखिम और परिणाम स्पष्ट न हों। गलत बदलाव से डिवाइस की कार्यक्षमता प्रभावित हो सकती है या सामान्य Software Updates में समस्या आ सकती है।

AI ने दिखाया कि Smart TV को अपनी जरूरत के मुताबिक बनाना संभव हो सकता है

Samsung Tizen TV पर किया गया यह प्रयोग इसलिए दिलचस्प है, क्योंकि इसमें AI ने एक ऐसी समस्या के लिए वैकल्पिक रास्ता खोजने की कोशिश की, जहां सामान्य Android TV वाले तरीके काम नहीं कर रहे थे। स्मार्टफोन के कैमरे से हर कुछ सेकंड में स्क्रीन की तस्वीर लेना, उसके आधार पर बदलावों को समझना और करीब 11 घंटे में Apple TV से प्रेरित Home Screen तैयार करना इस प्रयोग के सबसे उल्लेखनीय पहलू रहे। यह पूरी प्रक्रिया यह भी दिखाती है कि AI की उपयोगिता केवल नए Content बनाने तक सीमित नहीं है। Visual Feedback और सही निर्देशों के साथ यह मौजूदा तकनीक को बेहतर ढंग से इस्तेमाल करने के नए रास्ते तलाशने में मदद कर सकता है।

Samsung Tizen TV
Samsung Tizen TV

हालांकि, नया Interface तैयार करना, Apps को छिपाना और Advertising ID हटाना पूरे Operating System को बदलने या सभी विज्ञापनों को समाप्त करने के बराबर नहीं है। इस प्रयोग के परिणामों को इसी अंतर के साथ समझना चाहिए। आने वाले समय में AI आधारित Tools Smart TV और दूसरे घरेलू डिवाइस को Personalize करने में ज्यादा उपयोगी हो सकते हैं। लेकिन सुरक्षा, Privacy और डिवाइस की तकनीकी सीमाओं का ध्यान रखना उतना ही जरूरी रहेगा।

डिस्क्लेमर: यह लेख उपलब्ध विवरणों पर आधारित है। इसमें बताए गए परिणाम किसी खास Samsung TV और उसके Software Version से संबंधित हो सकते हैं; इन्हें सभी Tizen TV पर लागू नहीं माना जाना चाहिए। किसी भी Third-Party Tool, वेबसाइट या अनधिकृत Software बदलाव का इस्तेमाल करने से पहले उसकी सुरक्षा और संभावित जोखिमों की जांच करें।

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Shivang Mishra

मैं शिवांग मिश्रा, बीकॉम तृतीय वर्ष का छात्र हूँ। मुझे लेखन, शोध और नई जानकारियों को पाठकों तक पहुँचाने का गहरा शौक है। वर्तमान में मैं newsfortoday.in के लिए नियमित रूप से लेख लिखता हूँ, जहाँ मैं समाज, शिक्षा, तकनीक और युवा पीढ़ी से जुड़े विभिन्न विषयों पर अपनी बात रखता हूँ। लेखन मेरे लिए केवल एक अभिव्यक्ति का माध्यम नहीं है, बल्कि यह एक ज़िम्मेदारी भी है कि पाठकों तक सही और उपयोगी जानकारी सरल और स्पष्ट भाषा में पहुँचे। मेरा मानना है कि अच्छी लेखनी न केवल जानकारी देती है, बल्कि सोचने और आगे बढ़ने की प्रेरणा भी देती है।

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